Top 100 Life Shayari in Hindi 2019 {100% Fresh & New}



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Life Shayari in Hindi

Life Shayari in Hindi


1. जो आपकी किस्मत में लिखा है वो भाग कर आयेगा, और जो किस्मत में नही लिखा है वो आकर भी भाग जायेगा|

2. सडक कितनी भी साफ क्यों न हो, लेकिन धूल हो ही जाती है| और इंसान चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो, भूल हो ही जाती है|

3. रिश्तो के बाजार में रिश्तो को कुछ इस तरह सजाया जाता है, ऊपर से तो बहुत अच्छा दिखाया जाता है, पर अंदर न जाने क्या क्या मिलाया जाता है|

4. जिंदगी में कभी धुप तो कभी छाव आया करती है, पर जिंदगी हर पल नया नया सिखाया करती है, जिंदगी कभी छोटी छोटी बाते सिखाया करती है, तो कभी कभी बड़े बड़े सबक सिखाया करती है|

5. ज़िन्दगी में कभी किसी पर मत भरोसा करो, चलना है तो बस अपने पैरों पर चला करो|

6. ज़िन्दगी में कभी किसी की मज़ाक मत बनाना, क्योंकि जब समय मौका देता है, फिर उसी तरह से धोखा भी देता है|

7. जिंदगी में सबसे अच्छे बनो, ज़िन्दगी में सबसे सच्चे बनो|

8. ज़िन्दगी में सफलता वही पाता है, जिसे मुश्किलों से लड़ना आता है, और रूठो को मनाना आता है|

9. खूबसूरती को कभी किसी चेहरे में मत ढूंढना, खूबसूरती को हमेशा लोगो के दिलो में ढूंढना|

10. कुछ लोग रिश्ते मतलब से बनाते है, लेकिन उसमे लोग कुछ नही पाते है, पर जो लोग रिश्ते दिल से बनाते है, वो कुछ न पाकर भी सब कुछ पाते है|

11. माँ वो नोट बुक है, जिसमे औेलाद सब कुछ लिख सकती है, लेकिन माँ सिर्फ प्यार लिखती है|

12. किस्मत के मौको को देखो, वक्त के घेरों को देखो, कल का आप इंतज़ार न करो, जो आज है आप बस उसी को देखो|

13. झूठ भी क्या गजब की चीज़ है, अगर खुद बोलो तो मीठा लगता है, और कोई दूसरा बोले तो कड़वा लगता है|

14. समय जीवन में सब कुछ सिखा देता है, और जो समय सिखा देता है, वह जीवन में कोई नही सिखाता है|

15. जब मुझमें सांस थी तब हम अकेले चला करते थे, और जब सांस न रही तब सब साथ में चला करते थे|

16. ये ज़िन्दगी हमे इतना क्यों सिखाया करती है, हमारी जिंदगानी सदियों में थोड़े ही गुजरा करती है, ये तो बस दो पल की ही हुआ करती है|

17. हम तो अक्सर इंसान के मुँह सुना करते थे की वक्त बदलता है, पर जब खुद आजमाइस की तो पता चला यहाँ वक्त के साथ इंसान भी बदलता है|

18. साँसे भी तो इंसान से जुदा हुआ करती हैं, तो मोहब्बत ही क्यों ये इलज़ाम सहा करती है|

19. आज कल नज़रो से भी चोट लगा करती है, जब नज़रे देख कर भी अनदेखा कर दिया करती है|

20. आज कल जिन लोगो पर सिर्फ दौलत हुआ करती है, उन लोगो पर दुनिया में सबसे ज़्यादा गरीबी हुआ करती है|

21. हमने इंसानो को अपनी औकात भूलते देखा है, जब हमने रोटी को कूड़े में फेंकते देखा है|

22. ज़िन्दगी में कभी नफरत से नफरत कम हुआ नही करती है, नफरत तो सिर्फ मोहब्बत से ही कम हुआ करती है|

23. आज कल सच कहो तो इंसान खफा होता है, और झूठ कहो तो लफ़्ज़ों को दर्द होता है|

24. ऐ इंसा तू अपनी तारीफ मत कर वो वे फज़ूल है, क्योंकि खुशबू खुद ही बता दिया करती है ये कोन सा फूल है|

25. तू क्यों ए दिल ऐसे रोता है, ये ज़िन्दगी है ही ऐसी, यहाँ ऐसा ही होता है|

26. जिस उम्र में इंसान ख्वाहिश रखता है, उसमें तजुर्बे मिल रहे हैं, ऐ खुदा क्या ज़िन्दगी में हम इतने गुनाह कर रहे हैं|

27. ये ज़िन्दगानी तो बहुत हल्की हुआ करती है, दम तो हमारी ख्वाइशें निकाल दिया करती हैं|

28. रिश्ते को हमेशा सम्भाल कर रखना होता है, क्योंकि रिश्ता मौके का मोहताज़ नही होता है, रिश्ता तो भरोसे का मोहताज़ होता है|

29. ज़िन्दगी में कभी झुकना पड़े तो कभी मत घबराना, क्योंकि झुकता वही है जिसमे जान होती है, और अकड़ तो मुर्दे की पहचान होती है|

30. हर किसी को जिंदगी दो तरीके से जीना चाहिये, पहला जो हासिल है उसे पसन्द करना सीख लो, और दूसरा पसन्द है उसे हासिल करना सीख लो|

31. एक खुबसूरत एहसास है जिंदगी, एक खुली किताब है जिंदगी, जिंदगी जरा सही से जी कर तो देखो, एक अनसुनी हकीकत है जिंदगी|

32. ऐ जिंदगी तेरे भी कितने रूप है, कभी छाव है तो कभी धूप है, कितने रंग बदलती है जिंदगी, हर रंग का मजा जिंदगी का क्या खूब है|

33. अब तो हम अपनी किस्मत की लकीरो पर यकीन किया नही करते है, जब यहाँ आज कल लोग बदल जाया करते है, तो हम अपनी किस्मत क्यों नही बदल लिया करते है|

34. गुस्सा अक्सर बहुत चालाक हुआ करता है, क्योंकि ये सिर्फ कमजोरो पर ही निकला करता है|

35. जिंदगी में कभी माँ के पहनावे पर शर्म नही करनी चाहिये, और जिंदगी में कभी बाप की गरीबी पर शर्म नही करनी चाहिये|

36. हमने तो जिंदगी की बहुत सी खुशियों को बर्बाद किया है, तब हमने दर्द में मुस्कुराने का हुनर आबाद किया है|

37. हम तो यूँ ही किसी को मतलबी कहा नही करते है, क्योंकि हम खुद ही उपर वाले को दुःख में याद करते है|

38. हम तो अक्सर सारे गमो को हँस कर गले लगा लेते है, क्योंकि जिंदगी हमारी ही है इसे हम खुल कर जी लेते है|

39. ज़िंदगी है थोड़ा आहिस्ता चल, कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता चल, एक अंधी दौड़ है किस को ख़बर, कौन है किस राह पर आहिस्ता चल|

40. मुस्कुराओ क्या गम है, जिंदगी में टेंशन किसको कम है, अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है, जिंदगी का नाम ही कभी खुशी कभी गम है|

41. जिंदगी के राज है तो राज रहने दो, अगर हैं कोई एतराज तो रहने दो, पर जब दिल करे हमें याद करने को, तो उसे ये मत कहना के आज रहने दो|

42. बस यही दो मसले, ज़िन्दगी भर ना हल हुए, ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए, वक़्त ने कहा, काश थोड़ा और सब्र होता, सब्र ने कहा, काश थोड़ा और वक़्त होता|

43. हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला, हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला, अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी, हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला|

44. छोटे से दिल में गम बहुत है, जिन्दगी में मिले जख्म बहुत हैं, मार ही डालती कब की ये दुनियाँ हमें, कम्बखत दोस्तों की दुआओं में दम बहुत है|

45. मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकदर की बात है, हम कोशिश भी ना करे ये तो गलत बात है|

46. सच बिकता है झूठ बिकता है बिकती है हर कहानी, तीनों लोक में फैला है फिर भी बिकता है बोतल में पानी|

47. ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है, जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये, ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे, सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये|

48. जुगनुओं की रोशनी से तीरगी हटती नहीं, आइने की सादगी से झूठ की पटती नहीं, ज़िंदगी में गम नहीं फिर इसमें क्या मजा, सिर्फ खुशियों के सहारे ज़िंदगी कटती नहीं|

49. अब समझ लेता हूँ मीठे लफ़्ज़ों की कड़वाहट, हो गया है ज़िन्दगी का तजुर्बा थोड़ा थोड़ा|

50. अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं, और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं|

51. राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है। जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है|

52. सर ऐ आम मुझे ये शिकायत है ज़िन्दगी से, क्यूँ मिलता नहीं मिजाज मेरा किसी से|

53. जो मिला कोई न कोई सबक दे गया, अपनी ज़िन्दगी में हर कोई गुरु निकला|

54. दिल मैं हर राज़ दबा कर रखते है, होंटो पर मुस्कराहट सजाकर रखते है, ये दुनिया सिर्फ़ खुशी मैं साथ देती है, इसलिए हम अपने आँसुओ को छुपा कर रखते है|

55. ज़िन्दगी कबकी खामोश हो गयी, दिल तो बस आदतन धड़कता है|

56. कश्ती है पुरानी मगर दरिया बदल गया, मेरी तलाश का भी तो जरिया बदल गया, ना शक्ल बदली ना अक्ल बदली, बस लोगों के देखने का नजरिया बदल गया|

57. होना क्या है, ज़िन्दगी को भुगत रहा हूँ ज़िन्दगी के बिन|

58. तु कितनी भी खुबसुरत क्यूँ ना हो ए ज़िंदगी खुशमिजाज़ दोस्तों के बगैर अच्छी नहीं लगती|

59. ले दे के अपने पास फ़क़त एक नजर तो है, क्यूँ देखें ज़िन्दगी को किसी की नजर से हम|

60. प्यार तब तक रहता है जब तक की वजूद और मौजूद की बात हो, नहीं तो जरुरी और मज़बूरी रस्ते ही बदल देते है|

61. मुझ से नाराज़ है तो छोड़ दे तन्हा मुझको, ऐ ज़िन्दगी, मुझे रोज़ रोज़ तमाशा न बनाया कर|

62. एक और ईंट गिर गई दीवार ए जिंदगी से नादान कह रहे हैं नया साल मुबारक हो|

63. जाना कहा था और कहां आ गए, दुनिया में बन कर मेहमान आ गए, अभी तो प्यार की किताब खोली थी, और न जाने कितने इम्तिहान आ गए|

64. रखा करो नजदीकियॉ जिन्दगी का कुछ भरोसा नही फिर मत कहना, चले भी गऐ और बताया भी नहीं|

65. डरते है आग से कही जल न जाये डरते है ख्वाब से कहीं टूट न जाये लेकिन सबसे ज़्यादा डरते है आपसे कहीं आप हमें भूल न जाये|

66. जाने क्या मुझसे ज़माना चाहता है, मेरा दिल तोड़कर मुझे ही हसाना चाहता है, जाने क्या बात झलकती है मेरे इस चेहरे से, हर शख्स मुझे आज़माना चाहता है|

67. ये सोच कर अपनी हर हँसी बाट दी मेने कि किसी ख़ुशी पर मेरा भी नाम हो जाए, मुख़्तसर सा सफर है मेरा कोन जाने कब मेरे इस सफर की आखरी शाम हो जाए|

68. ज़िंदगी का हर वो रंग दिलकश लगता है, जो आपके प्यार में हम पर चढ़ता है|

69. रूठी जो जिदंगी तो मना लेंगे हम, मिले जो गम वो सह लेंगे हम, बस आप रहना हमेशा साथ हमारे तो, निकलते हुए आंसूओ में भी मुस्कुरा लेंगे हम|

70. लोग मुन्तज़िर ही रहे कि हमें टूटा हुआ देखें, और हम थे कि सहते सहते पत्थर के हो गए|

71. दुनिया का बोझ जरा दिल से उतार दे, छोटी सी जिंदगी है हँस के गुजार दे|

72. बख्शा है ठोकरों ने सँभलने का हौसला, हर हादसा ख्याल को गहराई दे गया|

73. मुझे पतझड़की कहानियां सुना के उदास न कर ऐ जिंदगी नए मौसम का पता बता, जो गुज़र गया वो गुज़र गया|

74. तुम सचमुच जुड़े हो गर मेरी जिंदगी के साथ, तो कुबूल करो मुझको मेरी हर कमी के साथ|

75. ज़िन्दगी से पूछिये ये क्या चाहती है, बस एक आपकी वफ़ा चाहती है, कितनी मासूम और नादान है ये, खुद बेवफा है और वफ़ा चाहती है|

76. ज़िन्दगी कभी आसान नही होती इसे आसान बनाना पड़ता हे कुछ नज़र अंदाज करके कुछ को बर्दाश्त करके|

77. एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी, जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं, हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं|

78. मत सोच इतना जिन्दगी के बारे में, जिसने जिन्दगी दी है उसने भी तो कुछ सोचा होगा|

79. पढ़ने वालों की कमी हो गयी है आज इस ज़माने में वरना मेरी ज़िन्दगी का हर पन्ना, पूरी किताब है|

80. ज़िदगी जीने के लिये मिली थी, लोगों ने सोचने में ही गुज़ार दी|

81. मंजिलें मुझे छोड़ गयी रास्तों ने संभाल लिया, जिंदगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया|

82. शतरंज‬ खेल रही है मेरी

83. ले दे के अपने पास फ़क़त एक नजर तो है, क्यूँ देखें ज़िंदगी को किसी की नजर से हम|

84. नफरत सी होने लगी है इस सफ़र से अब, ज़िंदगी कहीं तो पहुँचा दे खत्म होने से पहले|

85. ज़िन्दगी लोग जिसे मरहम ए ग़म जानते हैं, जिस तरह हम ने गुज़ारी है वो हम जानते हैं|

86. ये कशमकश है कैसे बसर ज़िंदगी करें, पैरों को काट फेंके या चादर बड़ी करें|

87. कुछ इस तरह फ़कीर ने ज़िंदगी की मिसाल दी, मुट्ठी में धूल ली और हवा में उछाल दी|

88. ज़िंदगी जिसका बड़ा नाम सुना है हमने, एक कमजोर सी हिचकी के सिवा कुछ भी नहीं|

89. एक उम्र गुस्ताखियों के लिये भी नसीब हो, ये ज़िंदगी तो बस अदब में ही गुजर गई|

90. जो तेरी चाह में गुजरी वही ज़िंदगी थी बस, उसके बाद तो बस ज़िंदगी ने गुजारा है मुझे|

91. अकेले ही गुजर जाती है तन्हा ज़िंदगी, लोग तसल्लियाँ तो देते हैं साथ नहीं देते|

92. पहचानूं कैसे तुझ को मेरी ज़िंदगी बता, गुजरी है तू करीब से लेकिन नकाब में|

93. हर बात मानी है तेरी सिर झुका कर ऐ ज़िंदगी, हिसाब बराबर कर तू भी तो कुछ शर्तें मान मेरी|

94. अब समझ लेता हूँ मीठे लफ़्ज़ों की कड़वाहट, हो गया है ज़िंदगी का तजुर्बा थोड़ा थोड़ा|

95. कितना और बदलूं खुद को ज़िंदगी जीने के लिए, ऐ ज़िंदगी, मुझको थोड़ा सा मुझमें बाकी रहने दे|

96. नजरिया बदल के देख, हर तरफ नजराने मिलेंगे, ऐ ज़िंदगी यहाँ तेरी तकलीफों के भी दीवाने मिलेंगे|

97. हासिल ए ज़िंदगी हसरतों के सिवा और कुछ भी नहीं, ये किया नहीं, वो हुआ नहीं, ये मिला नहीं, वो रहा नहीं|

98. मुझे ज़िंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं है दोस्तों, पर लोग कहते हैं यहाँ सादगी से कटती नहीं|

99. मंजिलें मुझे छोड़ गयी रास्तों ने संभाल लिया, जिंदगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया|

100. कुछ ऐसे हादसे भी होते हैं ज़िंदगी में ऐ दोस्त, इंसान बच तो जाता है मगर ज़िंदा नहीं रहता|

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