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Thursday, December 13, 2018

Top 100 Intezaar Shayari in Hindi 2022 {100% Fresh & Unique}



Intezaar Shayari in Hindi 2022 - We have done another round-up post on the Intezaar Shayari topic. Wherein we are going to post as much as possible. As of now, it's 100. So enjoy and share!

Intezaar Shayari in Hindi 2022

Intezaar Shayari in Hindi 2022


1. उनका भी कभी हम दीदार करते है, उनसे भी कभी हम प्यार करते है, क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी पर, फिर भी हम उनका इंतज़ार करते है|

2. इंतजार रहेगा तु आ ना आ, इरादे का पक्का हूँ ऊपर से आशिक भी तेरा हूँ| सीने से लगा के सुन वो धड़कन जो तुझसे मिलने के इंतजार में है|

3. ये कैसी मोहब्बत है की मै किस खुमार में हूँ, वो आके जा चुकी है मै अब भी इंतजार मे हूँ|

4. अच्छे वक़्त का इंतजार हम नही करते, हम तो बुरे वक़्त को भी अच्छे मे बदलने की औक़ात रखते है|

5. कितने अनमोल होते है अपनों के रिश्तें, कोई याद ना करे तो भी इंतज़ार रहेता है|

6. इंतजार करने वालो को उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते है|

7. तेरे इंतज़ार का ये आलम है, तड़प्ता है दिल आंखें भी नम है, तेरी आरज़ू में जी रहे है, वरना जीने की ख्वाहिश कम है|

8. क्या माँगु खुदा से आप को पाने के बाद, किसका करू इंतेज़ार ज़िंदगी मे आपके आने के बाद क्यू प्यार पे जान लूटते हैं लोग, आज मालूम हुआ हैं आप को पाने के बाद|

9. इन्तज़ार करेंगे उन पलो का हम भी बेचैनी से जब तेरे फ़ैसले तुझ तडपायेंगे बहुत|

10. प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम|

11. मेरी बराबरी ना कर दोस्त, मेरे स्टेटस का इन्तजार तो तेरी वालीभी करती है|

12. दुआ कभी खाली नही जाती, बस लोग इन्तजार नही करते|

13. हालात कह रहें अब वो याद नही करेगा और उम्मीद कह रही है बस थोडा और इन्तजार|

14. मैं आज भी तेरा इन्तजार कर रहा हूँ, बस एक बार लौट आओ मेरे पास|

15. शोक नही रहा अब हमे इश्क मोहबब्त का, वरना आज भी गाँव की गौरी पनघट पे और शहर की छोरी ट्यूशन पे हमारा इन्तजार करती है|

16. जो सफर की शुरुआत करते हैं, वे मंजिल भी पा लेते हैं बस, एक बार चलने का हौसला रखना जरुरी है| क्योंकि,अच्छे इंसानों का तो रास्ते भी इन्तजार करते है|

17. इन्तज़ार करेंगे उन पलो का हम भी बेचैनी से जब तेरे फ़ैसले तुझ तडपायेगे बहुत|

18. हम तो इन्तेजार करते करते अब मर जायेंगे कोइ तो आये ऐसा जिन्दगी में जो बेवफा ना हो|

19. ज़रा सी फुर्सत निकाल कर हमारा क़त्ल ही कर दो, यूँ तेरे इन्तजार में तड़प तड़प के मरना हमसे नहीं होता|

20. निकले हम दुनिया की भीड़ में तो पता चला की हर वो शख्स अकेला है जिस जिस ने मोहब्बत की है|

21. किसी के इन्तेजार की तलब जरूरी है| वर्ना वक्त गुजरता जरूर है कटता नही|

22. जब हो जाये मेरी मोहब्बत पे एतबार तो लौट आना हम आज भी तेरे इन्तजार में हैं|

23. साल पे साल आते गए, कलेंडर बदलते गए पर इस दिल को देखो, पागल है आज भी तुम्हारा इन्तजार करता है|

24. तेरे वादों पे ऐतबार किया, उम्र भर तेरा इन्तजार किया, अपनें दिल के उदास आंगन में तेरी यादों को यादगार किया|

25. शाम कब की ढल चुकी है तेरे इन्तज़ार में, अब भी अगर आ जाओ तो ये रात बहुत है|

26. तेरी मोहब्बत पे मेरा हक तो नहीं, पर दिल चाहता है आखरी साँस तक तेरा इंतज़ार करू|

27. मेरे दिल की उम्मीदों का हौसला तो देखो, इंतज़ार उसका है जिसे मेरा एहसास तक नहीं|

28. आधी से ज्यादा शबे-ग़म काट चुका हूँ, अब भी अगर आ जाओ तो ये रात बड़ी है|

29. कासिद पयामे शौक को देना बहुत न तूल, कहना फ़क़त ये उनसे कि आँखें तरस गयीं|

30. बिखरा पड़ा है तेरे ही घर में तेरा वजूद, बेकार महफ़िलों में तुझे ढूँढता हूँ मैं|

31. यकीन है कि ना आएगा मुझसे मिलने कोई, तो फिर इस दिल को मेरे इंतज़ार किसका है|

32. एक आरज़ू है अगर पूरी परवरदिगार करे, मैं देर से जाऊं और वो मेरा इंतज़ार करे|

33. निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया, भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का|

34. जान देने का कहा मैंने तो हँसकर बोले, तुम सलामत रहो हर रोज के मरने वाले, आखिरी वक़्त भी पूरा न किया वादा ए वस्ल, आप आते ही रहे मर गये मरने वाले|

35. झोंका इधर से न आये नसीम ए बहार का, नाज़ुक बहुत है फूल चराग ए मज़ार का, फिर बैठे बैठे वादा ए वस्ल उसने कर दिया, फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतज़ार का|

36. तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं, तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं, तू एक नजर हम को देख ले बस, इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं|

37. बस यूँ ही उम्मीद दिलाते हैं ज़माने वाले, कब लौट के आते हैं छोड़ कर जाने वाले|

38. दिल जलाओ या दिए आँखों के दरवाज़े पर, वक़्त से पहले तो आते नहीं आने वाले|

39. तमाम उम्र तेरा इंतज़ार कर लेंगे, मगर ये रंज रहेगा कि ज़िंदगी कम है|

40. उसे भुला दे मगर इंतज़ार बाकी रख, हिसाब साफ न कर कुछ हिसाब बाकी रख|

41. ये इंतज़ार न ठहरा कोई बला ठहरी, किसी की जान गई आपकी अदा ठहरी|

42. ये आँखे कुछ तलाशती रहती हैं, कोई तो है जिस का इन्हें इंतजार है|

43. रात भर जागते रहने का सिला है शायद, तेरी तस्वीर सी महताब में आ जाती है|

44. न कोई वादा न कोई यक़ीं न कोई उम्मीद, मगर हमें तो तेरा इंतज़ार करना था|

45. कमाल ए इश्क़ तो देखो वो आ गए लेकिन, वही है शौक़ वही इंतज़ार बाक़ी है|

46. ये इंतज़ार सहर का था या तुम्हारा था, दिया जलाया भी मैंने दिया बुझाया भी|

47. मुद्दत हुई पलक से पलक आशना नहीं, क्या इससे अब ज्यादा करे इंतज़ार चश्म|

48. तमाम रात मेरे घर का एक दर खुला रहा, मैं राह देखता रहा वो रास्ता बदल गया|

49. कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़, किसी की आँख में हमको भी इंतज़ार दिखे|

50. जो तेरी मुंतज़िर थीं वो आँखें ही बुझ गई, अब क्यों सजा रहा है चिरागों से शाम को|

51. कुछ रोज़ यह भी रंग रहा तेरे इंतज़ार का, आँख उठ गई जिधर बस उधर देखते रहे|

52. मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल, हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है|

53. फिर मुक़द्दर की लकीरों में लिख दिया इंतज़ार, फिर वही रात का आलम और मैं तन्हा-तन्हा|

54. किसी रोज़ होगी रोशन मेरी भी ज़िंदगी, इंतज़ार सुबह का नहीं तेरे लौट आने का है|

55. पलकों पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का।

56. मिलने से भी अजीज है मिलने की आरजू, है वस्ल से भी ज्यादा मजा इंतज़ार में|

57. तमाम उम्र यूँ ही हो गयी बसर अपनी, शबे फिराक गयी, रोजे इंतज़ार आया|

58. इक मैं कि इंतज़ार में घड़ियाँ गिना करूँ, इक तुम कि मुझसे आँख चुराकर चले गये|

59. इक रात वो गया था जहाँ बात रोक के, अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के|

60. एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यूँ है, इन्कार करने पर चाहत का इकरार क्यूँ है, उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद, फिर भी हर मोड़ पर उसका इंतजार क्यूँ है|

61. वो तारों की तरह रात भर चमकते रहे, हम चाँद से तन्हा सफ़र करते रहे, वो तो बीते वक़्त थे उन्हें आना न था, हम यूँ ही सारी रात करवट बदलते रहे।

62. वो कह कर गया था मैं लौटकर आउंगा, मैं इंतजार ना करता तो क्या करता, वो झूठ भी बोल रहा था बड़े सलीके से, मैं ऐतबार ना करता तो क्या क्या करता।

63. आदतन तुमने कर दिये वादे, आदतन हमने भी ऐतबार किया, तेरी राहों में हर बार रुककर, हमने अपना ही इंतजार किया|

64. झुकी हुई पलकों से उनका दीदार किया, सब कुछ भुला के उनका इंतजार किया, वो जान ही न पाए जज्बात मेरे, जिन्हें दुनिया से बढ़कर मैंने प्यार किया|

65. शबे-इंतज़ार की कश्मकश में न पूछ कैसे सहर हुई, कभी एक चिराग जला दिया कभी एक चिराग बुझा दिया|

66. मेरी इक उमर कट गई है तेरे इंतज़ार में, ऐसे भी हैं कि कट न सकी जिनसे एक रात|

67. अब तेरी मोहब्बत पर मेरा हक तो नहीं सनम, फिर भी आखिरी साँस तक तेरा इंतजार करेंगे|

68. ये कह कह के हम दिल को समझा रहे हैं, वो अब चल चुके हैं वो अब आ रहे हैं|

69. उठ उठ के किसी का इंतज़ार करके देखना, कभी तुम भी किसी से प्यार करके देखना।

70. उम्र-ए-दराज माँग कर लाये थे चार दिन, दो आरज़ू में कट गए दो इंतज़ार में|

71. आप करीब ही न आये इज़हार क्या करते, हम खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते, साँसे साथ छोड़ गयीं पर खुली रखी आँखें, इस से ज्यादा किसी का इंतज़ार क्या करते|

72. मुझको अब तुझ से मोहब्बत नहीं रही, ऐ ज़िंदगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही, बुझ गये अब उसके इंतज़ार के वो दिए, कहीं आस पास भी उस की आहट नहीं रही|

73. उनका भी कभी हम दीदार करते थे, उनसे भी कभी हम प्यार करते थे, क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी पर फिर भी हम उनका इंतज़ार करते थे|

74. मुझे हर पल तेरा इंतज़ार रहता है, हर लम्हा मुझे तेरा एहसास रहता है, तुझ बिन धडकनें रुक सी जाती हैं, कि तू दिल में धड़कन बनके रहता है|

75. तू याद करे न करे तेरी ख़ुशी, हम तो तुझे याद करते रहते हैं, तुझे देखने को दिल तरसता रहता है, और हम तेरा इंतज़ार करते रहते हैं|

76. उदास आँखों में करार देखा है, पहली बार उसे बेक़रार देखा है, जिसे खबर ना होती थी मेरे आने की, उसकी आँखों में अब इंतज़ार देखा है|

77. तड़प के देख किसी की चाहत में, तो पता चले कि इंतज़ार क्या होता है, यूँ मिल जाए अगर कोई बिना तड़प के, तो कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है?

78. मत इंतज़ार कराओ हमें इतना, कि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जाये, क्या पता कल तुम लौटकर आओ, और हम खामोश हो जाएँ|

79. बेखुदी ले गई कहाँ हमको, देर से इंतज़ार है अपना, रोते फिरते हैं सारी सारी रात, अब यही बस रोज़गार है अपना|

80. कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ नहीं देखा, तुम्हारे बाद किसी की तरफ नहीं देखा, ये सोच कर कि तुम्हारा इंतजार लाजिम है, तमाम उम्र घड़ी की तरफ नहीं देखा|

81. वफ़ा में अब यह हुनर इख़्तियार करना है, वो सच कहें या ना कहें बस ऐतबार करना है, यह तुझको जागते रहने का शौक कबसे हो गया, मुझे तो खैर बस तेरा इंतज़ार करना है|

82. मेरे दिल की हर धड़कन तुम्हारे लिए है, मेरी हर दुआ तुम्हारी मुस्कराहट के लिए है| तुम्हारी हर अदा मेरे दिल को चुराने के लिए है, अब तो मेरी जिंदगी तुम्हारे इंतज़ार के लिए है|

83. कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर, वो मिले भी तो एक किनारा बनकर, हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह, बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर|

84. कोई शाम आती है आपकी याद लेकर, कोई शाम जाती है आपकी याद देकर, हमें तो इंतज़ार है उस हसीन शाम का, जो आये कभी आपको अपने साथ लेकर|

85. टूट गया दिल पर अरमां वही है, दूर रहते हैं फिर भी प्यार वही है, जानते हैं कि मिल नहीं पायेंगे, फिर भी इन आँखों में इंतज़ार वही है|

86. आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं, हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं, जब तक ना कर लें दीदार आपका, तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं|

87. इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा, यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा, मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले, कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा|

88. ग़जब किया तेरे वादे पर ऐतबार किया, तमाम रात किया क़यामत का इंतज़ार किया|

89. देखा न होगा तू ने मगर इंतज़ार में, चलते हुए वक़्त को ठहरते हुए भी देख|

90. तेरे वादे पर सितमगर अभी और सब्र करते, अगर अपनी ज़िन्दगी पर हमें ऐतबार होता|

91. ऐसी ही इंतज़ार में लज़्ज़त अगर न हो, तो दो घड़ी की फ़िराक़ में अपनी बसर न हो|

92. चले भी आओ तसव्वर में मेहरबा बनकर, आज इंतज़ार तेरा दिल को हद से ज्यादा है|

93. कहीं वो आ के मिटा दें न इंतज़ार का लुत्फ़, कहीं कबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी|

94. हमने तो उस शहर में भी किया इंतज़ार तेरा, जहाँ मोहब्बत का कोई रिवाज़ न था|

95. उन के खत की आरज़ू है उन की आमद का ख्याल, किस कदर फैला है ये कारोबार ए इंतज़ार|

96. उस नज़र को मत देखो, जो आपको देखने से इनकार करती है, दुनियां की भीड़ में उस नज़र को देखो, जो सिर्फ आपका इंतजार करती है|

97. तुम लौट के आओगे हम से मिलने, रोज दिल को बहलाने की आदत हो गयी, तेरे वादे पर क्या भरोसा किया, हर शाम तेरा इंतज़ार करने की आदत हो गयी|

98. तुझे देखना चाहती हूँ हर पल, शायद तुझसे बहुत प्यार करती हूँ, कल तक तो तुझे जानती भी न थी, आज तेरा इंतज़ार करती हूँ|

99. जान से भी ज्यादा उन्हें प्यार किया करते थे, याद उन्हे दिन रात किया करते थे, अब उन राहों से गुजरा नही जाता, जहाँ बैठ कर उनका इंतज़ार किया करते थे|

100. कोई क्यों मेरा इंतज़ार करेगा, अपनी जिंदगी मेरे लिए बेकार करेगा, हम कौन से, किसी के लिए ख़ास हैं, क्या सोचकर कोई हमें याद करेगा|

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