Top 100 Emotional Shayari in Hindi 2019 {Extremely Emotional Sad}



Emotional Shayari in Hindi - Everyone who is sad and emotional, always want to update their status and share something on their social media. So here is the list for you. Enjoy! and Do Share!


Top 100 Emotional Shayari in Hindi 2019 {Extremely Emotional Sad}

Top 100 Emotional Shayari in Hindi 2019


1. कोशिश करूंगा मैं भी, तुम्हें भुलाने की| अभी तो मैं तेरे झूठे वादों को भुलाना सीख रहा हूँ|

2. ना उसने मुड़ कर देखा, ना हमने पलट कर आवाज़ दी| एक अजीब सा वक़्त था जिसने हम दोनोँ को पत्थर बना दिया|

3. किसी की याद मे इतना उदास ना हुआ कर ऐ दोस्त| लोग नसीब से मिलते है उदासीयो से नही|

4. दिल से दिल की दूरी नहीं होती, काश कोई मज़बूरी नहीं होती, आपसे अभी मिलाने की तमन्ना है, लेकिन कहते हैं हर तमन्ना पुरी नहीं होती|

5. उतर  के देख मेरी चाहत की गहराई में, सोचना मेरे बारे में रात की तन्हाई में, अगर हो जाए मेरी चाहत का एहसास तुम्हे, तो मिलेगा मेरा अक्स तुम्हे अपनी ही परछाई में|

6. आज भी दिल का एक कोना तेरी मोहब्बत के वादों से भरा पड़ा है|

7. रोकना मेरी हसरत थी और जाना उसका शौक़| वो अपना शौक़ पूरा कर गया मेरी हसरते तोड़ कर|

8. इश्क़ में मैने वो सबूत भी दिए जिनको खरीदने में मेरा जागीर बिक गया कमबख्त इश्क़ मेरा फिर भी झूठा निकला|

9. बहुत ही आसान है, जमीं पे आलीशान मकानों का बना लेना, दिल में जगह बनाने में,  जिन्दगी गुजर जाया करती है|

10. तुझे ही फुरसत ना थी मेरे किसी अफसाने को पढ़ने की ऐ सनम| हम तो बिकते रहे तेरे शहर में, दर ब दर किताबों की तरह|

11. क्यों कोई चाह कर मोहब्बत निभा नहीं पाता| क्यों कोई चाह कर रिश्ता बना नहीं पाता| क्यों लेती है जिंदगी ऐसी करवट| कि कोई चाह कर भी प्यार जता नहीं पाता|

12. जब तुम किसी खास के लिए उदास और रो रहे होते हो, उस समय वो किसी और के साथ हँस रहे होते है|

13. सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा, जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है|

14. हमने सोचा था की बताएंगे सब दुःख दर्द तुमको| पर तुमने तो इतना भी न पूछा की खामोश क्यों हो|

15. वो दर्द ही क्या जो आँखों से बह जाए, वो खुशी ही क्या जो होठों पर रह जाए, कभी तो समझो मेरी खामोशी को, वो बात ही क्या जो लफ्ज़ आसानी से कह जायें|

16. मैं अपनी सुबह शाम यूँ ही गुजार लेता हूँ, जो भी ज़ख्म मिलते हैं कागज़ पे उतार लेता हूँ|

17. इश्क दो जिंदगी का अफसाना हैं, इश्क का अपना ही एक तराना हैं, पता हैं सब को मिलेंगे सिर्फ आंसू, पर न जाने दुनियाँ में हर कोई क्यूँ इश्क का ही दीवाना हैं|

18. इश्क दो जिंदगी का अफसाना हैं, इश्क का अपना ही एक तराना हैं, पता हैं सब को मिलेंगे सिर्फ आंसू,  पर न जाने दुनियाँ में हर कोई क्यूँ इश्क का ही दीवाना हैं|

19. हम शराब नही पीते लेकिन शराबी दोस्त रखते है, क्युंकि शराबी दोस्त अच्छे होते है, ग्लास जरूर तोड़ते है लेकिन दिल नही|

20. इतने बुरे तो न थे जितने इलज़ाम लगाये लोगो ने, कुछ मुक्क़दर बुरे थे कुछ आग लगाई लोगों ने|

21. उस दिल की बस्ती में आज अजीब सा सन्नाटा है, जिस में कभी तेरी हर बात पर महफ़िल सजा करती थी|

22. वो जिन्दगी, जिन्दगी ही क्या जिसमे तुम ना हों, वो दर्द ,दर्द ही क्या जिसमे हम ना हों|

23. दरिया वफाओं का कभी रुकता नहीं, मोहब्बत में इंसान कभी झुकता नहीं| खामोश हैं हम उनकी ख़ुशी के लिए, वो समझते हैं कि दिल हमारा दुखता ही नहीं|

24. ज़ुबान खामोश आँखों में नमी होगी ये बस एक दास्तां ए ज़िंदगी होगी, भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा, कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी|

25. ऐ दिल मत कर इतनी मोहब्बत तू किसी से, इश्क़ में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा, एक दिन टूट कर बिखर जायेगा अपनों के हाथों से, किसने तोडा ये भी किसी से कह नहीं पायेगा|

26. मुहब्बत अगर नहीं मुझसे फ़क़त इतना ही बतलादो, कसम से दूर हो जायेंगे तेरी ज़िन्दगी से हम|

27. मोहब्बत अब समझदार हो गयी है, हैसियत देख कर आगे बढ़ती है|

28. एक वो है, क्या नही कहते, एक हम है गिला नही करते, जान दे देगे सुन कर फरमाया मरने वाले कहा नही करते|

29. हम टुटे हमारा दिल टुटा, इश्क ने यूँ हमारा वजूद लूटा| ये किस्मत है हमारी या खुदा का फैसला  हर मंजिल का साथ इश्क की वजह से छुटा|

30. हार जाउँगा मुकदमा उस अदालत में, ये मुझे यकीन था| जहाँ वक्त बन बैठा जज और नसीब मेरा वकील था|

31. मैं तुझे ढूँढने यादों की खुली सड़कों पर, ख़ुश्क पतों की तरह रोज़ बिखर जाता हूँ|

32. कोई शोलो मे जल गया, कोई जमी मे उतर गया| अजब है दस्तूर इस मोहब्बत का किसी को मोहब्बत ने मार दिया| कोई मोहब्बत मे मर गया|


34. एक उम्र बीत चुकी है, तुझे चाहते हुए और तू आज भी बेखबर है कल की तरह|

35. मुकद्दर में नहीं हैं नींदे तो क्या हुआ| मौत तो आनी है एक दिन जी भर के सो लेंगें|

36. नफ़रत करनी हो तो इस कदर करना मुझसे, मै दुनियाँ से जाएँ और तेरी जुबां पर लफ्ज़ ए शुकर हो|

37. लोग समजते हे की में तुम्हारे हुस्न पे मरता हूँ| अगर तुम भी यही समजते हो तो सुनो| जब हुस्न खोदो तब लौट आना|

38. हम अपने जखमो की नुमाइश नही करते, वो तो बस अपने दिल का हाल लिखता हु|

39. डाली से तोड़े गए फूल ने हँस कर ये कहा| अच्छा होना भी बुरी बात है इस दुनिया में|

40. इलाइची के दानो सा मुक़द्दर है अपना| महक उतनी ही बिखरी पीसे गए जितना|

41. इलाइची के दानो सा मुक़द्दर है अपना| महक उतनी ही बिखरी पीसे गए जितना|

42. तमाम नींदे गिरवी हैं उसके पास| ज़रा सी मुहब्बत ली थी जिनसे|

43. इतना मीठा ना बोलिये जनाब| याद आ जाते है वो फरेब के दिन|

44. इस से बढ कर अपने सब्र का इम्तीहान क्या देता मै, मेरा प्यार मेरे ही कांधे पर सर रख कर रो रहा था किसी और के लिये|

45. पत्थर तो बहुत मारे थे लोगों ने मुझे लेकिन| जो दिल पर आ के लगा वो किसी अपने ने मारा था|

46. ये मुकरने का अंदाज़ मुझे भी सीखा दो| वादे नीभा नीभा के थक गया हूँ मैं|

47. कोशिश भी मत करना.मुझे संभालने की अब तुम| बेहिसाब टूटा है दिल.जी भर के बिखर जाने दो मुझे|

48. किसी को इतना भी न चाहो कि भुला न सको| क्योंकि ज़िंदगी, इन्सान और मोहब्बत तीनों बेवफा हैं|

49. मेरी तकदीर भी उस तस्वीर के जैसी है, जिसे लोग धुंदली होने पर घर से बहार फैंक देते हैं|

50. इतना आसान नहीं है शहर मोहब्बत का| यहां खुद भी भटकते हैं रास्ता बताने वाले|

51. पानी समुन्दर में हो या आँखों में, गहराई और राज दोनों में होते हैं|

52. होता नहीं मेहसुस दर्द आज तेरे जखमों का, क्युँ आज तेरी तलवार की धार कम है, कुछ दे ऐसे जख्म आज मुझको, क्युँ लगता है की आज तेरा प्यार कम है|

53. वादे पे वो ऐतबार नहीं करते हम जिक्र मौहब्बत सरे बाजार, नहीं करते डरता है दिल उनकी रुसवाई से और वो सोचते हैं हम उनसे प्यार नहीं करते|

54. सुना हूँ की तुम रातों को देर तक जागते हो, यादो के मारे हो या मोहब्बत में हारे हो|

55. जिन्दगी से अपना हर दर्द छुपा लेना, ख़ुशी ना सही गम गले लगा लेना, कोई कहे मोहब्बत आसान हैं, तो उसे मेरा टूटा दिल दिखा देना|

56. ना जीने की ख़ुशी ना मरने का गम, हमे सिर्फ़ हैं उनसे ना मिलने का गम, जीते हैं इसलिए कि हमारे कहलायेंगे वो मरते नही इसलिए कि अकेले रह जायेंगे वो|

57. तुम ही हो एक मेरे, दिल को बस यही करार रहा, लौट आओगे एक दिन तुम, आखिरी सांस तक बस तेरा ही इन्तजार रहा|

58. बस यही सोचकर कोई सफ़ाई नही दी हमने, कि इल्जाम भले ही झूठे हो पर लगाये तो तुमने हैं|

59. मेरी किस्मत में नही लिखा था तुम्हारा साथ, फिर भी ख़ूबसूरत था मेरे हाथों में तुम्हारा हाथ|

60. जिन्दगी में कुछ ऐसे लोग भी मिलते हैं, जिन्हें हम पा नही सकते सिर्फ़ चाह सकते हैं|

61. यादाश चाहे कितनी भी बुरी हो बस वही याद रह जाता हैं जिसे हम भूलना चाहते हैं|

62. तुम लाख दुआ कर लो मुझसे दूर जाने की, मेरी दुआ भी उसी खुदा से है तुझे मेरे करीब लाने की|

63. वो उम्र भर कहते रहे तुम्हारे सीने में दिल ही नहीं, दिल का दौरा क्या पड़ा, ये दाग भी धुल गया|

64. तकलीफ ये नही की किस्मत ने मुझे धोखा दिया, मेरा यकीन तुम पर था किस्मत पर नही|

65. अभी ज़रा वक़्त है, उसको मुझे आज़माने दो| वो रो रोकर पुकारेगी मुझे, बस मेरा वक़्त तो आने दो|

66. घुटन सी होने लगी है, इश्क़ जताते हुए, मैं खुद से रूठ गया हूँ, तुम्हे मनाते हुए|

67. मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया, दिल तोड दिया मेरा उसने, और इल्जाम मुझपर लगा दिया|

68. तेरे बिना जीना मुश्किल है, ये तुझे बताना और भी मुश्किल है|

69. मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है, पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में|

70. प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं, जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिये|

71. बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी, पहले पागल किया, फिर पागल कहा, फिर पागल समझ कर छोड़ दिया|

72. वो सुना रहे थे अपनी वफाओं के किस्से, हम पर नज़र पड़ी तो खामोश हो गये|

73. लोग पूछते हैं, मैं क्या करती हूँ, उन्हें क्या बताऊँ, मौहब्बत की थी, अब रोज मरती हूँ|

74. एक दिन, मेरी आँखों ने भी थककर मुझसे कह दिया, ख्वाब वो देखा करों जो पूरे हो, रोज रोज हमसे भी रोया नही जाता|

75. वो अब नही आयेंगे आँसू पोछने, नादान आँखों को कैसे समझाऊ|

76. जान जब प्यारी थी, तब दुश्मन हजार थे, अब मरने का शौक हैं, तो कातिल नही मिलते|

77. लौट आती है हर बार दुआ मेरी ख़ाली, जाने कितनी ऊँचाई पर ख़ुदा रहता हैं|

78. मोहब्बत हाथ की चूड़ियों के जैसी होती हैं, संवरती हैं, खनकती हैं, टूट जाती हैं|

79. टूट कर चाहना और फिर टूट जाना, बात छोटी है मगर जान निकल जाती हैं|

80. दिल में आने का रास्ता होता हैं, पर जाने का नही, इसलिए लोग दिल से जाते हैं तो दिल तोड़ के जाते हैं|

81. कुछ राज तो कैद रहने दो मेरी आँखों में, हर किस्से तो शायर भी नही बताता|

82. अगर नींद आ जाए तो सो लिया कीजिये, यूँ रातों को जागने से, मोहब्बत लौटा नही करती|

83. कुछ अजीब सा रिश्ता है, उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है, ना मोहब्बत का सिला|

84. मज़ा आ रहा था दिलबर से दिल लगाने में, नजरें भी हम पर थी और पर्दा भी हामी से था|

85. उन परिंदों को क़ैद करना मेरी फितरत में नहीं, जो दिल के पिन्जरे में रहे कर भी दूसरों के साथ उड़ने का सोचते है|

86. हर यार दिलदार नहीं होता हर सख्स वफादार नहीं होता ये तो दो दिल मिलने कि बात है, वरना तो सात फेरो बाद भी प्यार नहीं होता|

87. दिल में कुछ नहीं आज भी दर्द के सिवा, आँखों में कुछ नहीं आज तेरी याद के सिवा, तुम एह्रना मत कभी साथ मेरे ज़िन्दगी में कुछ नहीं तेरे प्यार के सिवा|

88. कभी रो लेने दो अपने कंधे पर सिर रखकर मुझे, कि दर्द का बवंडर अब सभाला नहीं जाता, कब तक छुपा कर रखों में इसे की आसोंओं का समंदर अब सभाला नहीं जाता|

89. उलटी ही चाल चलते हैं दिवानेगे इश्क आँखों को बंद करते हैं दीदार के लिए|

90. सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दावा नहीं, दूर वो मुझसे है पर में खफा नहीं, मालूम है अब भी वो प्यार करते है मुझसे वो थोड़ा सा जिद्दी है मगर बेवफा नहीं|

91. फुर्सत में करेंगे तुझसे हिसाब ए ज़िन्दगी अभी तो उलझे है खुद को सुलझाने में|

92. इन्सान ख्वाहिशो से बंधा, एक जिद्दी परिंदा है, जो उम्मीदों से ही घायल है, और उम्मीदों से ही जिंदा है|

93. ज़िन्दगी में एक बात हमेशा याद रखना हमें तब तक कोई हरा नहीं सकता जब तक हम खुद से न हार aजाये|

94. ए ज़िन्दगी तू इतनी बद्सलुखी न कर कौन सा यहा हम बार बार आने वाले है|

95. मैंने ज़िन्दगी से पूछा सबको इतना दर्द क्यों देती हो ज़िन्दगी ने हस कर जवाब दिया, हम तो सब को ख़ुशी देते है पर एक की ख़ुशी दूसरे का दर्द बन जाती है|

96. क्या है ज़िन्दगी देखो तो ख्वाब है ज़िन्दगी, पढो तो किताब है ज़िन्दगी, सुनो तो ज्ञान है ज़िन्दगी|

97. होके मायूस न यु शाम की तरह ढलते रहिये, ज़िन्दगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये|

98. ग़म न कर ज़िन्दगी बहुत बड़ी है, चाहत की महफ़िल तेरे लिए सजी है, बस एक बार मुस्कुरा कर तो देख, तकदीर खुद तुझसे मिलने बहार खड़ी है|

99. ज़िन्दगी में कभी उदास मत होना, कभी किसी बात पर निराश मत होना, ये ज़िन्दगी एक संगर्ष है चलती ही रहेगी|

100. तूने तो रुला कर रख दिया ए ज़िन्दगी, जा कर पूछ मेरी माँ से कितने लाडले थे हम|